UPPSC GS Paper 1 | Practice Test 6 | Useful for GDC Assistant Professor, GIC Lecturer & LT Grade Exam 2025. Uttar Pradesh Government Degree College, Government Inter College and LT Grade (Assistant Teacher) Exams Preparation for General Studies Paper.

UPPSC GDC Assistant Professor 2025 GS Paper Test Series With Notes (Prelims)
UPPSC GIC Lecturer 2025 GS Paper Test Series With Notes (Prelims)
UP LT Grade Teacher Exam 2025 Test Series For GS Paper 1 (Prelims)
1. रॉबर्ट ब्रूस फूट, जिन्होंने भारत में पहला पुरापाषाण उपकरण खोजा था, कौन थे?
(a) भूविज्ञानी
(b) पुरातत्वविद्
(c) पुरावनस्पतिशास्त्री
(d) इतिहासकार
उत्तर: (a और b)
एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के अनुसार, रॉबर्ट ब्रूस फूट एक ब्रिटिश भूविज्ञानी और पुरातत्वविद् थे। उन्हें भारतीय प्रागैतिहासिक काल का जनक माना जाता है। वे भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से जुड़े थे और उन्होंने पाषाण युग की प्राचीन वस्तुओं का दस्तावेजीकरण किया था। अतः, विकल्प (a) और (b) दोनों को सही माना जा सकता है।
2. कोपेनहेगन संग्रहालय के संग्रह से पाषाण, कांस्य और लौह में विभाजित त्रि-युग प्रणाली किसके द्वारा गढ़ी गई थी?
(a) थॉमसन
(b) लुबॉक
(c) टेलर
(d) चाइल्ड
उत्तर: (a)
कोपेनहेगन संग्रहालय के संग्रह से तीन युग प्रणाली- पत्थर, कांस्य और लोहा क्रिश्चियन जर्गेन्सन थॉमसन द्वारा गढ़ा गया था।
3. निम्नलिखित का सही मिलान करें:
A. पुरापाषाण युग (i) भीमबेटका गुफाएँ
B. मध्यपाषाण युग (ii) बुर्जहोम
C. नवपाषाण युग (iii) बनास घाटी
D. ताम्रपाषाण युग (iv) सोहन/सोन नदी घाटी
कोड:
A B C D
(a) (i) (ii) (iv) (iii)
(b) (iv) (i) (ii) (iii)
(c) (iv) (ii) (i) (iii)
(d) (i) (iv) (iii) (ii)
उत्तर: (b)
सही मिलान:
पुरापाषाण युग सोहन/सोन नदी घाटी
मध्य पाषाण युग भीमबेटका गुफाएँ
नवपाषाण युग बुर्जहोम
ताम्रपाषाण युग बनास घाटी
4. भारतीय इतिहास के संदर्भ में, अलेक्जेंडर री, ए.एच. लॉन्गहर्स्ट, रॉबर्ट सेवेल, जेम्स बर्गेस और वाल्टर इलियट किससे जुड़े थे?
(a) पुरातात्विक उत्खनन
(b) औपनिवेशिक भारत में अंग्रेजी प्रेस की स्थापना
(c) रियासतों में चर्चों की स्थापना
(d) औपनिवेशिक भारत में रेलवे का निर्माण
उत्तर: (a)
अलेक्जेंडर री, ए.एच. लॉन्गहर्स्ट, रॉबर्ट सेवेल, जेम्स बर्गेस और वाल्टर इलियट पुरातात्विक उत्खनन से जुड़े थे। उन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय इतिहास के क्षेत्र में काम किया।
5. उत्खनन से प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार, पशुओं को पालतू बनाने की शुरुआत कब हुई?
(a) निम्न पुरापाषाण काल
(b) मध्य पुरापाषाण काल
(c) उच्च पुरापाषाण काल
(d) मध्यपाषाण काल
उत्तर: (d)
उत्खनन से प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार, पशुओं को पालतू बनाने की शुरुआत मध्यपाषाण काल में हुई। भारत में पशुओं के पालन-पोषण के सबसे पुराने साक्ष्य आदमगढ़ (नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश) और बागोर (भीलवाड़ा, राजस्थान) में मिले हैं।
6. निम्नलिखित में से किस स्थल से अस्थि उपकरण प्राप्त हुए हैं?
(a) चोपानी-मांडो
(b) काकोरिया
(c) महादहा
(d) सराय नाहर राय
उत्तर: (c और d)
मध्यपाषाण काल के स्थल, महादहा और सराय नाहर राय (उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में स्थित) से हड्डियों और सींगों से बने बड़ी संख्या में उपकरण मिले हैं। डॉ. जय नारायण पांडे द्वारा लिखित ‘पुरातत्व विमर्श’ नामक पुस्तक में सराय नाहर राय, दमदमा और महादहा से प्राप्त हड्डियों से बनी विभिन्न नुकीली वस्तुओं और आभूषणों का वर्णन है।
भारत में मध्यपाषाण काल के संदर्भ में अस्थि आभूषण कहाँ से प्राप्त हुए हैं – सराय नाहर राय और महादाहा
7. निम्नलिखित मध्यपाषाण स्थलों को भौगोलिक दृष्टि से पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम में व्यवस्थित करें:
1. पैसरा
2. लेखाहिया
3. बीरभानपुर
4. महादाहा
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनें:
(a) 4, 2, 3 और 1
(b) 1, 4, 3 और 2
(c) 4, 2, 1 और 3
(d) 2, 4, 1 और 3
उत्तर: (c)
मध्यपाषाण काल के स्थल भौगोलिक दृष्टि से पश्चिम से पूर्व की ओर क्रम में: महादाहा (प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश), लेखाहिया (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश), पैसरा (बिहार) और बीरभानपुर (पश्चिम बंगाल)
8. एक ही कब्र में तीन मानव कंकाल कहाँ से प्राप्त हुए थे?
(a) सराय नाहर राय
(b) दमदमा
(c) महादहा
(d) लंघनाज
उत्तर: (b)
दमदमा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक मध्यपाषाण स्थल है। दमदमा में 41 मानव कब्रें मिली हैं। इन कब्रों में से 5 दोहरी कब्रें हैं। यहाँ एक तिहरी कब्र भी मिली है। सराय नाहर राय में चार मानव कंकालों वाली एक कब्र मिली है।
9. अनाज की खेती सबसे पहले कहाँ शुरू हुई?
(a) नवपाषाण युग
(b) मध्यपाषाण युग
(c) पुरापाषाण युग
(d) आद्य-ऐतिहासिक युग
उत्तर: (a)
अनाज का उत्पादन सबसे पहले नवपाषाण युग में हुआ था। यह वह समय था जब लोगों का कृषि से परिचय हुआ। कोल्डिहवा और मेहरगढ़ दो नवपाषाण पुरातात्विक स्थल थे जहाँ से चावल और गेहूँ के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
10. भारत में मानव का सबसे पहला प्रमाण कहाँ मिलता है?
(a) नीलगिरि पहाड़ियाँ
(b) शिवालिक पहाड़ियाँ
(c) नल्लामाला पहाड़ियाँ
(d) नर्मदा घाटी
उत्तर: (d)
भारत में, मनुष्य का पहला प्रमाण मध्य प्रदेश के नर्मदा घाटी क्षेत्र में मिला था। इसकी खोज 1982 में हुई थी।
11. मनुष्य द्वारा प्रयुक्त पहला अनाज था:
(a) गेहूँ
(b) चावल
(c) जौ
(d) ज्वार
उत्तर: (c)
आधुनिक मानव समाज मुख्यतः आठ प्रकार के खाद्यान्नों का उपभोग करता है, अर्थात् जौ, गेहूँ, मक्का, बाजरा, ज्वार, सरसों, जई और चावल। ये पौधे विभिन्न क्षेत्रों में खरपतवार के रूप में मौजूद थे, जिन्हें बाद में मनुष्य द्वारा विभिन्न स्थानों पर, विभिन्न समयों में बीज के रूप में उगाया गया।
हालाँकि, जौ 8000 ईसा पूर्व के दौरान मनुष्यों द्वारा उगाया जाने वाला पहला अनाज था। उत्तर-पूर्वी भूमध्य सागर और ईरान के बीच स्थित पश्चिमी एशियाई देशों में। बाद में, लगभग 8000 ईसा पूर्व में इसी क्षेत्र में गेहूँ की खेती भी की जाने लगी।
12. भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि के सबसे प्राचीन साक्ष्य कहाँ से प्राप्त होते हैं?
(a) कोल्डिहवा
(b) लहुरादेवा
(c) मेहरगढ़
(d) टोकवा
उत्तर: (b)
नवीनतम शोध के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि के सबसे प्राचीन साक्ष्य उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के लहुरादेवा स्थल से प्राप्त हुए हैं। इस स्थल पर मानवीय गतिविधियों और चावल की खेती की शुरुआत के प्रमाण लगभग 9000-7000 ईसा पूर्व के हैं। इस शोध से भी पहले, गेहूँ के सबसे पुराने साक्ष्य लगभग 7000 ईसा पूर्व के मेहरगढ़ (बलूचिस्तान, पाकिस्तान में स्थित) में पाए गए थे और चावल के सबसे पुराने साक्ष्य प्रयागराज जिले में बेलन नदी के तट के पास पाए गए हैं, जहाँ से 6500 ईसा पूर्व के चावल की भूसी मिली थी। उपरोक्त संदर्भ में, यदि लहुरादेव एक विकल्प है, तो यह सही उत्तर होगा, लेकिन यदि लहुरादेव विकल्प नहीं है, तो मेहरगढ़ सही उत्तर होगा।
13. उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(1) वैश्विक संदर्भ में कृषि के सबसे पुराने साक्ष्य इस क्षेत्र के कई उत्खनन स्थलों से प्राप्त हुए हैं।
(2) सबसे पुराने खेती वाले खाद्यान्न जौ और धान हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
कूट:
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: (c)
उत्तर प्रदेश प्रागैतिहासिक काल से ही समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य के बेलन नदी घाटी क्षेत्र में स्थित कोल्डिहवा को लंबे समय से दुनिया में धान की खेती का सबसे पुराना साक्ष्य माना जाता रहा है। इसी प्रकार, लहुरादेव, जो वर्तमान में धान की खेती के सबसे प्राचीन साक्ष्य प्रस्तुत करता है, उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले का भी एक भाग है।
अतः कथन (1) सही है। उत्तर प्रदेश के कई उत्खनित स्थलों से सबसे प्राचीन कृषि अनाज जौ और धान के साक्ष्य मिले हैं, जौ और धान के साक्ष्य महागढ़ से मिले हैं और धान के साक्ष्य कोल्डिहवा से मिले हैं।
14. उस स्थल का नाम बताइए जहाँ स्थायी जीवन के सबसे प्राचीन साक्ष्य मिले हैं?
(a) धोलावीरा
(b) किले गुल मोहम्मद
(c) कालीबंगन
(d) मेहरगढ़
उत्तर: (d)
दिए गए विकल्पों में से, स्थायी जीवन का सबसे प्राचीन साक्ष्य पहली बार बलूचिस्तान के कच्छी मैदानों में स्थित मेहरगढ़ से मिला है, जिसकी प्रामाणिक तिथि लगभग 7000 ईसा पूर्व है, जबकि किले गुल मोहम्मद और कालीबंगन की सबसे प्राचीन तिथि क्रमशः 4000 ईसा पूर्व और 3500 ईसा पूर्व है। अतः विकल्प (d) सही विकल्प है।
15. निम्नलिखित में से कौन सा स्थल मध्यपाषाण काल में पशुओं के पालतू बनाए जाने के प्रमाण प्रदान करता है?
(a) ओडाई
(b) बोरी
(c) बागोर
(d) लखनिया
उत्तर: (c)
भारत में पशुओं के पालतू बनाए जाने के सबसे पुराने साक्ष्य आदमगढ़ (नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश) और बागोर (भीलवाड़ा, राजस्थान) में पाए गए हैं।
16. निम्नलिखित में से किस काल को ताम्रपाषाण युग के नाम से भी जाना जाता है?
(a) पुरापाषाण युग
(b) नवीन पाषाण युग
(c) ताम्र युग
(d) लौह युग
उत्तर: (c)
ताम्र युग को ताम्रपाषाण युग के नाम से भी जाना जाता है। वह युग जिसमें पत्थर के अलावा तांबे के औजारों का भी उपयोग किया जाता था, ताम्र युग कहलाता है।
17. पाषाण युग से हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष निम्नलिखित में से किस प्राचीन स्थल से प्राप्त हुए हैं?
(a) अमरी
(b) मेहरगढ़
(c) कोटदीजी
(d) कालीबंगन
उत्तर: (b)
पाषाण युग से हड़प्पा सभ्यता तक के सांस्कृतिक अवशेष बलूचिस्तान (पाकिस्तान) स्थित मेहरगढ़ से प्राप्त हुए हैं।
18. नवदाटोली में उत्खनन किसके द्वारा किया गया था?
(a) के.डी. बाजपेयी
(b) वी.एस. वाकणकर
(c) एच.डी. संकालिया
(d) मोर्टिमर व्हीलर
उत्तर: (c)
नवदाटोली में खरगोन (मध्य प्रदेश) के पास स्थित गोल और आयताकार, दोनों प्रकार की आवासीय संरचनाओं के उत्कृष्ट साक्ष्य मिले हैं। खरगोन का व्यास लगभग 3 मीटर और खरगोन का व्यास 2 मीटर × 2.2 मीटर है।
छतें संभवतः घास, टहनियों और पत्तियों से बनी थीं और झोपड़ियों के चारों ओर नियमित अंतराल पर 22 सेमी व्यास के विशाल लकड़ी के खंभों पर टिकी थीं। खंभों के बीच के खुले स्थानों में मिट्टी से प्लास्टर किए गए बाँस के परदे लगे थे।
घरों के फर्श गाद मिट्टी और नदी की बजरी से बने थे, जिनकी सतह पर चूना लगा हुआ था। झोपड़ियों में एक या दो मुँह वाले चूल्हे, साथ ही भंडारण के लिए बर्तन और अन्य मिट्टी के बर्तन रखे हुए थे। इस स्थल की खुदाई डेक्कन कॉलेज, पुणे के प्रोफेसर श्री एच.डी. संकालिया ने की थी। यह स्थल भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे व्यापक उत्खनित ताम्रपाषाण स्थल था, जिसका काल 1500 ईसा पूर्व और 1300 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है।
19. महापाषाणों की पहचान किस रूप में की गई है?
(a) तपस्वियों की गुफाएँ
(b) दफ़नाने के स्थल
(c) मंदिर स्थल
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (b)
महापाषाण आमतौर पर निवास क्षेत्र से दूर कब्रिस्तानों में बड़े पत्थरों से बने दफ़नाने को कहते हैं। ऐसा माना जाता है कि इनमें से अधिकांश दफ़नाने या दफ़नाने के बाद के अनुष्ठानों से जुड़े हैं, जिनमें उन लोगों के स्मारक भी शामिल हैं जिनके अवशेष उपलब्ध हो भी सकते हैं और नहीं भी। इनके कुछ प्रकार हैं; कक्ष मकबरा, डोलमेन्स, पत्थर संरेखण, पत्थर चक्र (क्रोमलेच), गड्ढा-वृत्त, आदि।
20. राख का टीला किस नवपाषाण स्थल से संबंधित है?
(a) बुदिहाल
(b) संगना कल्लू
(c) कोल्डिहवा
(d) ब्रह्मगिरि
उत्तर: (b)
कर्नाटक के बेल्लारी जिले में स्थित एक नवपाषाण स्थल संगना कल्लू से ‘राख के टीले’ मिले हैं।
ये पिकलिहाल और उटनूर में भी पाए गए हैं। ये राख के टीले नवपाषाणकालीन चरवाहों के मौसमी शिविरों के जले हुए अवशेष हैं।
21. ‘भीमबेटका’ किसके लिए प्रसिद्ध है?
(a) शैलचित्र
(b) बौद्ध मूर्तियाँ
(c) खनिज
(d) सोन नदी का उद्गम
उत्तर: (a)
भीमबेटका के शैलाश्रय रायसेन (मध्य प्रदेश) में स्थित हैं।
यूनेस्को ने भीमबेटका के शैलचित्रों को अपनी विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया है। ये गुफाएँ भारतीय उपमहाद्वीप पर मानव जीवन के प्रारंभिक निशान प्रदर्शित करती हैं और इनमें हाथी, सांभर, हिरण आदि के चित्र शामिल हैं। लगभग 700 शैलाश्रयों में 500 चित्र हैं।
22. निम्नलिखित में से किस भारतीय पुरातत्वविद् ने सबसे पहले ‘भीमबेटका गुफाओं’ का दौरा किया और इसके शैलचित्रों के प्रागैतिहासिक महत्व की खोज की?
(a) माधो स्वरूप वत्स
(b) एच.डी. संकलिया
(c) वी.एस. वाकणकर
(d) वी.एन. मिश्रा
उत्तर: (c)
‘भीमबेटका गुफाएँ’ मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित हैं। ये प्रागैतिहासिक काल की शैल चित्रकला का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। इसकी खोज वी एस वाकणकर ने 1957 में की थी। यह अपने प्रमुख प्रागैतिहासिक शैल चित्रों के लिए यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है।
23. गेरुए रंग के बर्तनों (ओ.सी.पी.) का नामकरण कहाँ किया गया था?
(a) हस्तिनापुर
(b) अहिच्छत्र
(c) नोह
(d) लाल किला
उत्तर: (a)
ओ.सी.पी. की खोज और नामकरण बी.बी. लाल ने 1950-52 में हस्तिनापुर में किया था। गेरुए रंग के बर्तनों (जिन्हें पुरातत्वविद ओ.सी.पी. के नाम से जानते हैं) की मुख्य विशेषता इसका गेरुए रंग था, जो इसे पहली नज़र में बुरी तरह से लाल रंग का दिखाता है। अन्य विशेषताएँ इसकी छिद्रपूर्ण प्रकृति और यह तथ्य है कि यह किनारों पर हमेशा घिसा हुआ होता है।
24. निम्नलिखित में से किस स्थल से दफनाए गए मानव कंकाल के साथ कुत्ते का कंकाल भी मिला है?
(a) ब्रह्मगिरि
(b) बुर्जहोम
(c) चिरांद
(d) मास्की
उत्तर: (b)
बुर्जहोम स्थल कश्मीर घाटी में इसी नाम के गाँव में स्थित एक प्रागैतिहासिक बस्ती है। यहाँ मानव और पशु दोनों के कंकाल ट्रेपैनिंग (छेद) के निशान के साथ पाए गए हैं।
कई गड्ढों में मानव कंकालों के साथ कुत्तों और सींग वाले हिरणों की हड्डियाँ भी मिलीं। दफनाए गए गड्ढों में जानवरों की हड्डियों के साथ बैठी हुई अवस्था में मानव कंकाल भी पाए गए।
बुर्जहोम स्थल पर पहली खुदाई वर्ष 1935 में हेल्मुट डी टेरा और डॉ. थॉमस पैटर्सन द्वारा की गई थी।
25. निम्नलिखित में से कौन भारत में नवपाषाण युग की विशेषताएँ हैं?
1. फसलों की सबसे प्रारंभिक खेती
2. पशुओं का सबसे प्रारंभिक पालतूकरण
3. भारत में गंगा के मैदानों में पहला मानव उपनिवेशण
नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनें:
[A] केवल 1 और 2
[B] केवल 2
[C] केवल 3
[D] इनमें से कोई नहीं
उत्तर: [D] इनमें से कोई नहीं
उपरोक्त सभी घटनाएँ मध्यपाषाण युग में घटित हुईं।
26. निम्नलिखित में से कौन-सी नवपाषाण क्रांति की विशिष्ट विशेषताएँ हैं?
1. शिकार-संग्रह से खाद्य उत्पादन की ओर संक्रमण
2. तांबे के प्रचुर उपयोग से लोहे की ओर संक्रमण
3. विभिन्न प्रकार के पौधों और जानवरों के पालतूकरण का उदय
नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनें:
[A] केवल 1
[B] केवल 2 और 3
[C] 1, 2 और 3
[D] केवल 1 और 3
उत्तर: [D] केवल 1 और 3
27. मध्यपाषाण युग कई गतिविधियों के लिए जाना जाता है जो मानव द्वारा पहली बार की गईं। निम्नलिखित में से क्या मध्यपाषाण युग के दौरान शुरू हुआ?
1. पौधों और जानवरों का पालन-पोषण
2. मृतकों का जानबूझकर निपटान
3. चट्टानों पर चित्रकारी और कलाएँ
नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनें:
[A] केवल 1
[B] केवल 1 और 2
[C] केवल 2 और 3
[D] 1, 2 और 3
उत्तर: [B] केवल 1 और 2
28. भीमबैठका में प्रागैतिहासिक चित्रकलाओं की विषय-वस्तु के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सबसे अधिक चित्रित जानवर हिरण और बारहसिंगा थे
2. पक्षियों का बहुत कम चित्रण है
3. मानव रूपों को आमतौर पर धनुष और बाण के साथ चित्रित किया गया है
उपरोक्त कथनों में से कौन सा सही है/हैं?
[A] केवल 1 सही है
[B] केवल 1 और 2 सही हैं
[C] केवल 2 और 3 सही हैं
[D] 1, 2 और 3 सही हैं
उत्तर: [D] 1, 2 और 3 सही हैं
भीमबैठका में, अधिकांश चित्रित गुफाएँ मध्यपाषाण युग की हैं। इन गुफाओं का महत्व यह है कि यहाँ लोग सामूहिक रूप से रहते थे और उनके द्वारा बनाए गए औज़ार और हथियार आज भी सुरक्षित हैं। अधिकांश चित्र लाल और सफ़ेद रंग के हैं, जबकि कुछ हरे और पीले रंग के भी हैं। ये रंग मिट्टी में पाए जाने वाले स्थानीय रंगों से तैयार किए गए थे। इन रंगों को पानी या किसी अन्य तरल पदार्थ में मिलाया जाता था। अधिकांश चित्र प्राकृतिक शक्तियों द्वारा नष्ट हो गए हैं। फिर भी, इन गुफाओं की छतों और दीवारों पर अभी भी कई अच्छे चित्र अच्छी स्थिति में हैं।
इन चित्रों को चार युगों में विभाजित किया जा सकता है:
1. मध्यपाषाण युग
2. ताम्र पाषाण युग
3. प्रारंभिक ऐतिहासिक युग
4. उत्तर ऐतिहासिक युग
ये चित्र अधिकतर मध्यपाषाण युग के हैं, जिनमें हिरण और बारहसिंगा सबसे अधिक चित्रित हैं। हाथी, गैंडा, भालू, जंगली भालू, गाय, बैल, हिरण, हिरण और बंदर आदि भी चित्रित किए गए हैं। इसके अलावा मछली, कछुआ और केकड़े भी हैं। कुछ सामाजिक विषय भी हैं, जिनमें नृत्य पोशाकें; आभूषण, माँ और बच्चा, शराब पार्टी, शिकार दृश्य और लोक नृत्य आदि चित्रित हैं। बाद के चित्रों में घोड़ों पर जुलूस के चित्र हैं।
इन चित्रों में, धनुष-बाण से चित्रित आदिम शिकारी मानव ने न केवल अपनी भावनाओं को, बल्कि जंगल के खूँखार जानवरों के विरुद्ध अपने रहस्यमय स्वभाव और अस्तित्व के संघर्ष को भी सफलतापूर्वक व्यक्त किया है।
29. सिंधु घाटी के लोग आमतौर पर निम्नलिखित धातुओं/मिश्र धातुओं का उपयोग करते थे?
1. सोना
2. चाँदी
3. ताँबा
4. पीतल
5. काँसा
6. लोहा
नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनिए:
[A] 1, 2, 3, 4 और 5
[B] 1, 2, 3, 4, 5 और 6
[C] 1, 2, 3 और 5
[D] 1, 2, 3 और 4
उत्तर: [A] 1, 2, 3, 4 और 5
ये लोग सोना, चाँदी, ताँबा, पीतल, काँसा और टिन के बारे में जानते थे, लेकिन लोहे के बारे में ज़्यादा नहीं जानते थे। ताँबा सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली धातु थी।
30. सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कृषि औजारों/उपकरणों से संबंधित साक्ष्य दर्शाते हैं कि वे __ का उपयोग करने के बारे में जानते थे:
1. हल
2. रेहट
3. दरांती
नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनें:
[A] केवल 1
[B] केवल 2 और 3
[C] केवल 1 और 3
[D] 1, 2 और 3
उत्तर: [C] केवल 1 और 3
कृपया ध्यान दें कि रेहट फ़ारसी पहिया है। यह हल और दरांती की तुलना में बहुत प्राचीन नहीं है। कृषि औजारों का एकमात्र प्रत्यक्ष प्रमाण कालीबंगन में जुते हुए खेतों के रूप में मिलता है, जो प्रारंभिक हड़प्पा काल से संबंधित है, और सिंधु चौकी शोर्टुगई में है।
हल के अलावा, हड़प्पावासियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कृषि औजारों या खेती की तकनीकों के बारे में बहुत कम जानकारी है। कालीबंगन में एक टुकड़े पर पाए गए जिप्सम क्रिस्टल का उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता रहा होगा। कटाई चकमक पत्थर या चकमक पत्थर की धार वाली दरांती से की जाती थी।
31. सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सुत्कागेंडोर सबसे पश्चिमी हड़प्पा बस्ती थी।
2. लोथल व्यापार और उद्योग का एक प्रमुख केंद्र था।
3. सुत्कागेंडोर और लोथल दोनों तटीय/बंदरगाह शहर थे।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
[A] केवल 1 और 2
[B] केवल 2 और 3
[C] केवल 1
[D] 1, 2 और 3
उत्तर: [D] 1, 2 और 3
सबसे पश्चिमी स्थल सुत्कागेंडोर ईरान की वर्तमान सीमाओं के पास स्थित है और यह एक महत्वपूर्ण तटीय/बंदरगाह शहर था। एक अन्य महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर लोथल था। एक और तटीय शहर बालाकोट था, जो पाकिस्तान में कराची के पास स्थित है।
32. सिंधु घाटी सभ्यता में निम्नलिखित में से कौन सी विशेषताएँ सामान्यतः मौजूद हैं?
1. बड़े पैमाने पर राज्य के स्वामित्व वाली भंडारण सुविधाएँ
2. सैन्य बल
3. अमीरों के लिए महल और विशेष कब्रगाह
4. प्रमाणित विदेशी व्यापार नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्प चुनिए:
[A] केवल 1 और 2
[B] केवल 1, 2 और 3
[C] केवल 2 और 3
[D] केवल 4
उत्तर: [D] केवल 4
यह प्रश्न हड़प्पा के राजनीतिक संगठन के बारे में संदिग्ध ज्ञान से संबंधित है। हड़प्पा के राजनीतिक संगठन पर अंतहीन बहस हुई है। साक्ष्य अत्यंत सीमित हैं और कई अलग-अलग व्याख्याओं के लिए खुले हैं। शिल्प उत्पादन की अत्यधिक संगठित प्रणाली, कलाकृतियों में एकरूपता, शहरी बस्तियों का नियोजित लेआउट, प्रमाणित विदेशी व्यापार और सिंधु संस्कृति के अन्य विशिष्ट पहलू व्यावसायिक विशेषज्ञता और संगठन और नियंत्रण की एक व्यापक प्रणाली के अस्तित्व का संकेत देते हैं। हालाँकि, पदानुक्रमित राज्यों की कई विशिष्ट विशेषताएँ, जैसे कि महल, समृद्ध कब्रिस्तान, बड़े पैमाने पर राज्य भंडारण सुविधाएँ, और आंतरिक पुलिसिंग और बाहरी आक्रमण के लिए एक सैन्य बल, जो अन्य सभ्यताओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं, स्पष्ट रूप से अनुपस्थित हैं। सिंधु राज्य व्यवस्था का विशाल आकार इस स्थिति को और भी पेचीदा बनाता है। इस रहस्य के सामने, कुछ विद्वान तर्क देते हैं कि सिंधु सभ्यता एक राज्य नहीं थी और इसकी आश्चर्यजनक एकरूपताओं के लिए अन्य स्पष्टीकरण खोजते हैं।
33. सिंधु घाटी सभ्यता के निम्नलिखित पुरातात्विक स्थलों पर विचार करें:
1. चन्हूदड़ो
2. राखीगढ़ी
3. सुत्कागेंडोर
उपर्युक्त में से कौन सा/से वर्तमान में भारत में स्थित है/हैं?
[A] केवल 2
[B] केवल 1 और 2
[C] 1, 2 और 3
[D] कोई नहीं
उत्तर: [A] केवल 2
राखीगढ़ी भारत के हरियाणा राज्य के हिसार जिले का एक गाँव है, जो दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। सुत्कागेंडोर सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे पश्चिमी ज्ञात पुरातात्विक स्थल है। यह कराची से लगभग 480 किलोमीटर पश्चिम में मकरान तट पर, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ईरानी नदी के पास स्थित है। चन्हूदड़ो, मोहनजोदड़ो से 130 किलोमीटर दक्षिण में, सिंध, पाकिस्तान में स्थित है।
34. सिंधु घाटी सभ्यता का अभी तक कोई भी पता नहीं चल पाया है। निम्नलिखित कारणों पर विचार करें:
1. उनकी भाषा का ज्ञान न होना
2. शिलालेखों की लंबाई कम होना
3. द्विभाषी ग्रंथों का अभाव
उपरोक्त में से कौन सा/से सही कारण है/हैं?
[A] केवल 1
[B] 1 और 2
[C] 1, 2 और 3
[D] 1 और 3
उत्तर: [C] 1, 2 और 3
ये सभी सही कारण हैं। पहला कारण यह है कि हम नहीं जानते कि उन्होंने किस भाषा का प्रयोग किया था। फिर शिलालेख इतने छोटे हैं कि औसत शिलालेख में केवल 4.6 चिह्न होते हैं। सिंधु घाटी का सबसे लंबा एकल शिलालेख 17 चिह्नों का है। इसके अलावा, कोई द्विभाषी पाठ उपलब्ध नहीं है।
35. सिंधु घाटी सभ्यता की निम्नलिखित विशेषताओं में से कौन-सी विशेषताएँ समकालीन मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यताओं में भी पाई जाती हैं?
1. कपास का उपयोग
2. नागरिकों के सुव्यवस्थित घर
सही विकल्प चुनें:
[A] केवल 1
[B] केवल 2
[C] 1 और 2 दोनों
[D] न तो 1 और न ही 2
उत्तर: [D] न तो 1 और न ही 2
मार्शल सिंधु घाटी सभ्यता की तुलना समकालीन मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यता से करते हैं: ‘इस प्रकार, केवल कुछ प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख करने के लिए, इस काल में वस्त्रों के लिए कपास का उपयोग केवल भारत तक ही सीमित था और 2,000 या 3,000 वर्ष बाद तक पश्चिमी दुनिया तक इसका विस्तार नहीं हुआ था। पुनः, प्रागैतिहासिक मिस्र या मेसोपोटामिया या पश्चिमी एशिया में कहीं और भी ऐसा कुछ नहीं है जिसकी तुलना मोहनजोदड़ो के नागरिकों के सुव्यवस्थित स्नानागारों और विशाल घरों से की जा सके। इन देशों में देवताओं के भव्य मंदिरों और राजाओं के महलों व मकबरों के निर्माण पर बहुत धन और विचार खर्च किया गया, लेकिन बाकी लोगों को मिट्टी के बने तुच्छ घरों से ही संतुष्ट होना पड़ा। सिंधु घाटी में तस्वीर उलट है और बेहतरीन संरचनाएँ वे हैं जो नागरिकों की सुविधा के लिए बनाई गई हैं। ये सार्वजनिक और निजी स्नानघर, साथ ही मोहनजोदड़ो में हमें मिलने वाली उत्कृष्ट जल निकासी व्यवस्था, अपनी तरह की पहली ऐसी जगहें हैं जो अब तक कहीं भी खोजी गई हैं।